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गहरी नींद के लिठसोने से पहले करें ये 6 सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤šà¤¿à¤‚ग à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ, अलà¥à¤œà¤¾à¤‡à¤®à¤°à¥à¤¸, डायबिटीज और हारà¥à¤Ÿ डिजीज का खतरा घटेगा
à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿà¥à¤¸ का मानना है कि सोने से पहले तेज और à¤à¤¾à¤°à¥€ à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤šà¤¿à¤‚ग और धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ लगाने जैसी à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€à¤œ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फायदेमंद
विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ कहता है कि जिस तरह से पोषक ततà¥à¤µ शरीर के लिठजरूरी हैं, उतनी ही जरूरी है, अचà¥à¤›à¥€ नींद। कई रिसरà¥à¤š में साबित हà¥à¤† है कि à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करने से अचà¥à¤›à¥€ नींद जलà¥à¤¦à¥€ आती है। अचà¥à¤›à¥€ नींद यानी नींद बार-बार नहीं टूटती। à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿà¥à¤¸ का मानना है कि सोने से पहले तेज और à¤à¤¾à¤°à¥€ à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करने की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤šà¤¿à¤‚ग और धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ लगाने जैसी à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€à¤œ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फायदेमंद हैं।
तेज और à¤à¤¾à¤°à¥€ à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करने से हारà¥à¤Ÿ बीट और बॉडी का टेमà¥à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤šà¤° बà¥à¤¤à¤¾ है, जिससे नींद आने में दिकà¥à¤•त होती है। वहीं, सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤šà¤¿à¤‚ग और योग जैसी à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€à¤œ से शरीर को शांत करने वाले हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸ का पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ बà¥à¤¤à¤¾ है, मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤‚ होती हैं जिससे नरà¥à¤µà¤¸ सिसà¥à¤Ÿà¤® शांत होता है। नींद वो कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है, जो शरीर और मन दोनों को रिलैकà¥à¤¸ करती है। यह कई बीमारियों से हमें बचाती है। वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•ों के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, सोने से पहले ये 6 सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤šà¤¿à¤‚ग हमारी नींद सà¥à¤§à¤¾à¤° सकती हैं।
काऊ पोज : इस पोज को 2 से 3 बार दोहराà¤à¤‚
फरà¥à¤¶ पर घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ और हाथों के बल टेबल जैसी पोजीशन बना लें। कमर को ढीला छोड़ें। अब सांस लें। सिर सामने की ओर रखें। à¤à¤¸à¥‡ ही सांस छोड़ते समय ठोà¥à¥€ को छाती की तरह लाà¤à¤‚ और रीॠको ऊपर तरफ गोलाकार अवसà¥à¤¥à¤¾ में ले जाà¤à¤‚। इस तरह दोनो पोज को दोहराà¤à¤‚। सांस लेते वकà¥à¤¤ बिलà¥à¤²à¥€ की और सांस छोड़ते वकà¥à¤¤ गाय की अवसà¥à¤¥à¤¾ बनेगी। इस तरह तीन से पांच बार करें। यह पीठऔर गरà¥à¤¦à¤¨ के तनाव को कम करता है।
चाइलà¥à¤¡ पोज : इसे गहरी सांस के साथ 2 मिनट तक कर सकते हैं
घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ के बल बैठजाà¤à¤‚। अब आगे की ओर à¤à¥à¤•ें। सीने को जांघों के बीच ले जाà¤à¤‚। पैर के अंगूठे आपस में जà¥à¥œà¥‡ हà¥à¤ हों। घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ के बीच इतनी दूरी हो जिससे आप आसानी से गहरी सांस ले सकें। अब अपने हाथों को सामने की तरफ जमीन से सटाते हà¥à¤ इतना फैलाà¤à¤‚ कि अपका माथा जमीन पर छू जाà¤à¥¤ हलà¥à¤•ी मसाज के लिठटेनिस बॉल या मसाज बॉल को माथे के नीचे रखकर हलà¥à¤•े-हलà¥à¤•े उसे à¤à¤• तरफ से दूसरी तरह घà¥à¤®à¤¾à¤à¤‚।
थà¥à¤°à¥‡à¤¡ द निडिल : इस अवसà¥à¤¥à¤¾ में पांच बार सांस लें
शरीर को टेबल की पोजीशन में ले आà¤à¤‚। अब सांस लेते हà¥à¤ दाà¤à¤‚ हाथ को आसमान की तरफ ले जाà¤à¤‚। पंजा शरीर से बाहर की तरफ हो। अब सांस छोड़ते हà¥à¤ दाà¤à¤‚ हाथ को छाती के नीचे तक इतना ले जाà¤à¤‚ कि कंधा जमीन को छूने लगे। इस दौरान पंजा आसमान की तरफ खà¥à¤²à¤¾ रखें। दायां गाल जमीन पर छू जाà¤à¥¤ सांस लेने के दौरान दाà¤à¤‚ हाथ को आसमान की तरफ ले जाà¤à¤‚। सांस छोड़ते वकà¥à¤¤ इसी अवसà¥à¤¥à¤¾ में लौटें। अब दूसरे हाथ से à¤à¥€ करें।
लो लंज : इस पोजिशन में 5 से 10 बार गहरी सांस लें
इस पोजीशन पर बैठजाà¤à¤‚। दाà¤à¤‚ पैर को आगे कर लें। बाà¤à¤‚ घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ को पीछे की तरफ ले जाà¤à¤‚। दोनों हाथों को घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ पर रख लें। यह à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ à¤à¤• विशेष पà¥à¤°à¤•ार की मांसपेशी सोआस को खोलती है। ये मांसपेशियां रीॠकी हडà¥â€Œà¤¡à¥€ को पैरों से जोड़ती है। ये मांसपेशियां चलने और दौड़ने में मदद करती हैं। हमारे अंदरूनी अंगों और डायफà¥à¤°à¥‰à¤® को सहायता पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करती हैं। हमारी सांसों की गतिविधि को सीधा पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती है।
गरà¥à¤¦à¤¨ की मसाज : इस अवसà¥à¤¥à¤¾ में 5 बार सांस लें
पीठके बल लेट जाà¤à¥¤ गरà¥à¤¦à¤¨ के नीचे योगा बà¥à¤²à¥‰à¤• अथवा मोटी किताबें रख लें। अब गरà¥à¤¦à¤¨ को दाईं ओर घà¥à¤®à¤¾à¤¤à¥‡ हà¥à¤ गरà¥à¤¦à¤¨ की ऊपर की तरफ कान के पीछे मसाज बॉल अथवा टेनिस बॉल रखें। इस अवसà¥à¤¥à¤¾ में पांच बार सांस लें। अब हलà¥à¤•े- हलà¥à¤•े पांच बार हां की अवसà¥à¤¥à¤¾ में गरà¥à¤¦à¤¨ हिलाà¤à¤‚। à¤à¤¸à¥‡ ही ना में तीन से चार बार गरà¥à¤¦à¤¨ हिलाà¤à¤‚। इसी तरह दूसरी तरफ करें। यह तकनीक गरà¥à¤¦à¤¨ के तनाव को कम करती है।
दीवार के सहारे सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤šà¤¿à¤‚ग : इस दौरान 5 से 10 बार धीरे-धीरे सांस लें
दीवार से पैरों को सटाते हà¥à¤ लेट जाà¤à¤‚। L का आकार बना लें। सपोरà¥à¤Ÿ के लिठआप किसी कंबल को मोड़कर कमर के नीचे रख सकते हैं। अब दाà¤à¤‚ हाथ की पहली उंगली से दाईं नासिका को बंद कर लें। पांच से 10 बार धीरे-धीरे सांस लें। यह कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤°, शरीर के तापमान और à¤à¤‚गà¥à¤œà¤¾à¤‡à¤Ÿà¥€ को कम करेगी। अब हाथ को हटा लें और धीरे-धीरे नाक के दोनों छिदà¥à¤°à¥‹à¤‚ से गहरी सांस लें।
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